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Sunday, 25 February 2018

Android Phone Ko Root Kaise Kare ? Kya Hoti Hain Rooting

फोन बनाने वाली कंपनियां जो ऑपरेटिंग सिस्टम फोन में इनस्टॉल करती है उसकी कंपनी कुछ लिमिट्स रखती है, मतलब सभी फीचर्स को ओपन नहीं रखती है। इसलिए आप उसमें से उतना ही एक्सेस कर पाते है जितना कंपनी ने आपको कंट्रोल दिया है। लेकिन रूट करने के बाद कंपनी द्वारा दी गयी लिमिट सब खत्म हो जाती है। इसके बाद आप उन फीचर्स का भी इस्तेमाल कर सकते है जिसे आपका फ़ोन करने में सक्षम है लेकिन कंपनी की लिमिटेशन की कारण ऑपरेटिंग सिस्टम आपको इसकी इजाजत नहीं देता था। फोन रूट होने के बाद पहले की तुलना में अधिक अच्छा परफॉर्म करता है फिर चाहे वो बैटरी बैकअप हो या अनचाहे डाटा का इस्तेमाल।


क्या कारण है फोन को रूट करने का
गूगल द्वारा निर्मित एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम लिनक्स ओएस पर आधारित है। लिनक्स ओएस में यूजर्स प्री-इनस्टॉल ओएस को रिमूव करके दूसरा कस्टम ओएस इनस्टॉल कर सकता है और उसमें अपनी जरुरत के हिसाब से बदलाव भी कर सकता है।
साथ ही फोन का पूरा कंट्रोल आपके पास रहने से आप उसमें इनस्टॉल एप्लीकेशन के कोड में भी बदलाव कर सकते है और साथ ही मोबाइल निर्माता कंपनी द्वारा दी गयी प्री-इनस्टॉल एप्स को भी रिमूव किया जा सकता है।
इसके साथ ही किस एप्प को क्या एक्सेस करने की परमीशन देनी है यह भी आपके हाथ में रहता है। उदहारण के लिए आपके फ़ोन में एक विडियो प्लेयर है उस एप्प को आप डाटा एक्सेस देना बंद कर सकते है क्योंकि फोन में स्टोर वीडियोज प्ले करने के लिए इन्टरनेट की आवश्यकता नहीं होती है। इस तरह की कस्टम परमीशन से आप अपने फोन की बैटरी की बचत कर सकते है और फ़ालतू खर्च होने वाला डाटा भी बचा सकते है।
यह थी बेसिक जानकारी की फोन को रूट क्यों किया जाता है, अगर पसंद आई तो लाइक कीजिये। आप यह जानना चाहते है की फोन को कैसे रूट किया जाता है तो नीचे कमेंट करके बताइए ताकि इस पर भी एक आर्टिकल लिखूं।

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