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Sunday, 22 April 2018

Important And UseFull Widget For Blogger Jo Har Blog Me Hona Chahiye

Hello And Welcome Dosto Main Abhishek Shukla , 😊 Aur Aaj Main Aapko Batane Wala Hu Kuch Essential Widget For Blogger Jo Aapke Liye Kaafi Help Full Hoga ,  I Hope Ki Ye Post Aapko Pasand Aayegi

Read Full Post 👇👇

1- Author Box

Dosto Ye Widget Har Blog Pe Hona Bahut Jaroori Hain .
Iss Widget Agar Koi Hamare Blog Ko Visit Karta Hain To Wo Hamare Bare Me Janega . Aur Adsense Ke Najariye Se Bhi Ye Widget Important Hain .. To Aap Sab Bhi Iss Widget Ko Apne Blog Me Jaroor Lagaye

 2- Email Subscription

Dosto Ye Widget Bhi Kaafi ImortannceIRakhta Hain. Hamre Blog Ke Liye . iss Widget se Hamara Aur Hamare Readers Ka Engagement Bana Rahta Hain , Iss Wideget Ka Sbse Bada Fayda Ye Hain Ki Agar Koi Widget Hamra Blog Ye WebsoWe Email Subscription Ke Through Subscribe Karta Hain To Hamare New Post Ki Jankari Usko Mail Box Me Mil Jayegi

3- Social Media

Dosto Ye Widget me apne Blog Ke Fb Page , Twitter Account , Instagram Account Aur Dusre Sabhi Social Media Platform ka Link Hm Dalte Hain Aur Widget ko Site Pe Lagate hain Iss Hamare Kayi Fayde Hain Jaise Hmara Agar Koi Hmse Content Karna Chahe To Seeda Iske Though Contec Kar Skta Hain Aur Ye Ki Iss Hamare Blog Ko Professional Look Milta Hain

4- Search Box

Ye Widget To Bahut Hi Important Hain Har Blog Ke Liye Chahhe Blog WordPress Pe Ho Ya Blogger Pe .
Aur 🔍 Is Widget Se User Ko Hamare Bahut Help Milti Hain Gar Hamare User Ko Koi Post Seaech Karna Aur Wo Old Post Hain To User Sidha Search Box Se Seaech Kar Leta Hain ..

5- Popular Post Widget And Contect  Form

Dosto Ye Dono Alag Alag Widget hain .
Popular Post pe Widget Blog Oe rahne Se User ko ye pata lag jata hain ki hamara konsa post public ne jada dekha ya padha matlb konsi post jada papular huyi ..
Aur Contect Form
Bahut Hi Important Widget Hain Agar Isse Hamare User Ko Hame Koi Feedback Ya Suggestions Ya Koi Sikayat Karni Ho To Wo Hmse Contect Sidha Kar Lega
Last Word 😘
To Dosto Kaise lagi Aapko Hamari Ye Post Agar Koi Question Ho To Hmko Comment Me Bataye
🙏🙏🙏🙏

Google Ke CEO Sundar Pichai Ki Success Story in Hindi

Sundar Pichai का बचपन                                                        

sundar pichai success story in hndi, sundar pichai biography in hindi,pichai ka bachpanSundar Pichai को Sundar Rajan Pichai के नाम से भी जाना जाता है, Sundar Pichaiका जन्म 12 जुलाई 1972 में चेन्नई(तब के मद्रास) में एक तमिल परिवार में हुआ था यह एक middle class family से belong करते हैं, वह न तो उनके पास टीवी और न उनके पास कार थी |


उनके पिता का नाम Raghunath Pichai तथा उनकी माता का नाम Laxmi Pichai हैं उनके पिता जी चेन्नई में GEC(General Electric Company) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और कंपनी के इलेक्ट्रिक पुर्जे बनने के बाद उनका प्रबंधन देखते थे उनकी माता जी एक स्टेनोग्राफर थी Sundar का बचपन मद्रास के अशोक नगर में गुजरा हैं|




12 वर्ष की आयु में Sundar ने तकनीक(Technology) को देखा, जब उनके पिता जी घर के के लिए लैंडलाइन फ़ोन लाए | उनके पास असाधारण सी memory थी जिससे वह सभी डायल नंबर याद कर लेते थे Pichai न केवल नंबर याद करने में माहिर थे, वह अपनी high school cricket टीम के कप्तान भी बने | 


Sundar के एक मकान में दो कमरे थे उनकी पढाई के लिए कोई भी कमरा अलग से नहीं था जिसके कारण वह अपने छोटे भाई के साथ ड्राइंग रूम के फर्श पर सोते थे 


शिक्षा(Education)

Sundar Pichai ने अपने class X की पढाई जवाहर विद्यालय(Jawahar Vidyalya) से पूरी की, जो की अशोक नगर में स्थित हैं और class 12 की पढाई वाना वनी(Vana Vani) से पूरी की | इसके बाद उन्होंने IIT खरगपुर में एडमिशन लिया | और मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग(Metallurgical Engineering) में ग्रेजुएशन पूरा किया |


1993 में फाइनल परीक्षा में वह अपने batch के topper रहे और उन्हें रजत पदक दिया गया | उसके बाद स्कॉलरशिप पाकर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय(Standford University) में चले गए | यहा से Sundar ने मटेरियल साइंस(Material Science) एंड इंजीनियरिंग  में MS(Masters in Science) पूरा किया | इसके बाद पेनसिलवेनिया(Pennsylvania) विश्वविद्यालय(University) के ‘व्हार्टन स्कूल’(Wharton School) से MBA की पढाई पूरी की |


Google में joining

Sundar Pichai ने 2004 में google में join किया | वह popular product जैसे- टूलबार पर कार्य कर रहे थे वह क्रोम के लांच होने से पहले google के दूसरे product जैसे-google gear, google pack पर भी अपना कार्य कर रहे थे टूलबार के success होने पर उनके करियर को गति मिली | Google ने नोटिस किया कि यह टूलबार, users सर्च  को बड़ा रही हैं और google ने उन्हें क्रोम ब्राउज़र(chrome browser) पर कार्य करने की जिम्मेदारी सोपी | 


Sundar Pichai उत्पाद प्रबंधन(product management) और नई खोजों पर कार्य किया करते थे Google के क्रोम(chrome) OS के लिए Pichai ही जिम्मेदार थे और वह ही इस ब्राउज़र(browser) को सामने लाये थे 2008 में Sundar Pichai को product development का VP नियुक्त किया गया | 19 नवंबर 2009 में Pichai क्रोम(chrome) OS को दुनिया के सामने लाए और 2011 में क्रोम बुक(chrome book) को जाचं के लिए उतारा | पूरी जाचं के बाद इसे 2012 में ग्राहकों के लिए पेश किया गया |



2013 में Sundar Pichai को पूरी दुनिया जानने लगी और andorid भी Sundar Pichai के products में शामिल हो गया | Pichai से पहले andorid का पूरा कार्य Andy Rubin देखते थे शायद आप नहीं जानते होगे कि Google का CEO बनने से पहले उनका नाम Microsoft के CEO की रेस में शामिल था लेकिन उनके स्थान पर Sateya Nadella को चुना गया |


2015 में Sundar Pichai को google का नया CEO नियुक्त किया गया | 


Sundar Pichai की मैरिज लाइफ(Marriage Life)  

Sundar Pichai का विवाह उनके साथ लंबे रिलेशन में रही उनकी गर्लफ्रेंड Anjali से हुआ | वे दोनों IIT खरगपुर में एक साथ पढते थे उनके दो बच्चे एक लड़का और एक एक लड़की हैं|

sunder picahi ki patni ka naam,pichai ki marriage life
                                                           
                                                     
उन्होंने Newyork शहर के Brooklyn में $6.8 million में एक घर ख़रीदा | अब वह अपने परिवार के साथ US में रहते हैं|

उपलब्धियां (Achivements)

अमेरिका की प्रसिद्ध कंपनी Ruba ने सलाहकार बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया | Pichai ने Jiva Software पर अप्रैल 2011 से जुलाई 2013 तक हेड के रूप में कार्य  किया |

sunder pichai with narendra modi,
                                                                
                                                                                                           
Sundar Pichai को CEO 10 अगस्त 2015 को बनाया गया | लेकिन Larry Page ने 24 अक्टूबर 2014 में Pichai को उत्पाद प्रमुख नियुक्त किया |


Pichai ने कई वर्षो तक कंसल्टेंट कंपनी मैकिन्जी में कार्य किया और 2004 में google join किया |

Sunday, 4 March 2018

वैज्ञानिक भी नहीं खोज पाये इस कुंड का रहस्य, आपदा से पहले करता है अलर्ट!


इस कुण्ड का पुराणों में नीलकुण्ड के नाम से जिक्र है, जबकि लोग अब इसे भीमकुण्ड के नाम से जानते हैं, भीम कुण्ड की गहराई अब तक नहीं मापी जा सकी है, इस कुण्ड के चमत्कारिक गुणों का पता चलते ही डिस्कवरी चैनल की एक टीम कुण्ड की गहराई मापने के लिए आई थी, लेकिन ये इतना गहरा है कि वे जितना नीचे गए उतना ही अंदर और इसका पानी दिखाई दिया, बाद में टीम खाली हाथ वापस लौट गई।
लोग बताते हैं कि अज्ञातवास के दौरान एक बार भीम को प्यास लगी थी, काफी तलाशने के बाद भी जब पानी नहीं मिला तो भीम ने जमीन में अपनी गदा पूरी शक्ति से दे मारी, तब इस कुण्ड से पानी निकला था, इसलिए इसे भीम कुण्ड कहा जाता है।

वहीं जब भी कोई भौगोलिक घटना होने वाली होती है तो यहां का जलस्तर बढ़ने लगता है, जिससे क्षेत्रीय लोग प्राकृतिक आपदा का पहले ही अनुमान लगा लेते हैं, नोएडा और गुजरात में आए भूकंप के दौरान भी यहां का जलस्तर बढ़ा था, जबकि सुनामी के दौरान तो कुण्ड का जल 15 फीट ऊपर तक आ गया था।
नोट- ये खबर स्थानीय लोगों के बताये अनुसार लिखी गयी है, इस खबर की सत्यता की हमारी वैबसाइट  नहीं करता है।

CID Officer क्या आप भी बनना चाहते है ॥॥ कम से कम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए ॥ जानिए क्या हैं भर्ती प्रक्रिया

New Delhi : क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ज्वॉइन करने का कई युवाओं का सपना होता है लेकिन सही डायरेक्शन न मिलने के कारण कई कैंडीडेट इस एग्जाम को क्रेक नहीं कर पाते। 


दरअसल CID पुलिस फोर्स की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन और इंटेलीजेंस विंग होती है। इस डिपार्टमेंट को एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) या फिर इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) रैंक के ऑफिसर लीड करते हैं।
कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर आश्रेंद्र मिश्रा बता रहे हैं कि आप CID कैसे ज्वॉइन कर सकते हैं। इसकी मिनिमम एलिजिबिलिटी क्या होती हैं और इस एग्जाम को कैसे क्रेक किया जा सकता है।

CID में रैंक क्या होती हैं :
  • एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP)
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP)
  • डीआईजी
  • एसपी
  • डीएसपी
  • इंस्पेक्टर
  • सुपरिंटेंडेंट
  • सब इंस्पेक्टर
  • असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर
  • कॉन्स्टेबल

क्या होती है एलिजिबिलिटी : 

सीआईडी में अलग-अलग पोस्ट पर रिक्रूटमेंट होती हैं क्वालिफिकेशन के हिसाब से लेवल तय होता है। यदि कोई कैंडीडेट सब-इंस्पेक्टर के पद पर ज्वॉइन करना चाहता है तो उसे कम से कम ग्रैजुएट होना जरूरी है। ग्रैजुएशन ऑफिसर लेवल की पोस्ट के लिए पहली रिक्वायरमेंट है। क्रिमिनोलॉजी का कोर्स यदि किसी ने किया है तो उसे एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल जाता है।
इंडिया की कई ऐसी यूनिवर्सिटीज हैं जो क्रिमिनोलॉजी का कोर्स ऑफर कर रही हैं। इस कोर्स को करने के लिए साइंस या आर्ट्स से 12वीं होना जरूरी है। लॉ बैंकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स के लिए क्रिमिनोलॉजी में स्पेशल कोर्सेस अवेलेबल हैं। शार्प आई, एक्सीलेंट मेमोरी, गुड जजमेंट ऐसे कुछ कैरेक्टर हैं जो एक ऑफिसर में देखे जाते हैं।

रिक्रूटमेंट कैसे होती है : 
क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट में एंटर करने के लिए दो रास्ते हैं। पहला तरीका डायरेक्टर रिक्रूटमेंट का है। इसमें स्टेट पुलिस फोर्स के जरिए प्रमोशन पाकर सीआईडी में एंट्री होती है। इसमें ट्रैक रिकॉर्ड और सिनियरटी के हिसाब से संबंधित अधिकारी को प्रमोट किया जाता है। कोई भी यूनिफॉर्म्ड ऑफिसर दो साल के एक्सपीरियंस के बाद सीआईडी में एंट्री के लिए अप्लाई कर सकता है। सीआईडी में एंट्री के बाद स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग 2 सालों की होती है।

जानिए क्या हैं यूपी शासनादेश फूल जानकारी हिन्दी मे


                                           
दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आए हैं | यूपी गवर्नमेंट द्वारा जारी किए जाने वाले UP Shasanadesh के बारे में जानकारी | आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले हैं | कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया जा रहे UP Shasanadesh को आप घर बैठे ऑनलाइन ही अपने मोबाइल से कैसे देख सकते हैं | और उन्हें कैसे डाउनलोड कर सकते हैं | यूपी सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले UP Shasanadesh की जानकारी आप प्रतिदिन प्राप्त कर सकते हैं | और उन्हें डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित भी रख सकते हैं | यूपी सरकार द्वारा जारी किए जा रहे UP Shasanadesh को आप ऑनलाइन कैसे देख सकते हैं ? और उन्हें कैसे डाउनलोड कर सकते हैं ? इसकी पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको यह आर्टिकल लास्ट तक पढ़ना होगा |


UP Shasanadesh –

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं | कि आज आधुनिक युग में लगभग सभी कार्य डिजिटल कर दिया गया है | केंद्र सरकार देश में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार एक के बाद एक कदम उठा रही है | आज भारत सरकार भी अपने सभी विभाग के कार्यों को भी लगभग ऑनलाइन कर दिया है | आज आप घर बैठे ही किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं | इसके साथ ही आप घर बैठकर बैठे विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए आवेदन भी कर सकते हैं |
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एवं सभी कार्यों को ऑनलाइन कर दिया है | आज आप प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए जा रहे UP Shasanadesh को भी घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन ही देख सकते हैं | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम काफी सराहनीय है | संबंधित विभागों के UP Shasanadesh को ऑनलाइन करने से फर्जी कार्यों को काफी हद तक रोका जा सकता है | और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाया जा सकता है | इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी विभाग के UP Shasanadesh को ऑनलाइन कर दिया है | ताकि प्रदेश के नागरिकों को घर बैठे सभी कार्यों का विवरण प्राप्त हो सके | और लोगों में जागरूकता हो सके |
यहां बताए जा रहे आसान से स्टेप्स का उपयोग करके आप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया जा रहा है | लगभग सभी विभाग जैसे – शिक्षा के क्षेत्र में बेसिक शिक्षा , माध्यमिक शिक्षा , उच्च शिक्षा , प्राविधिक शिक्षा , प्रशासनिक शासन आदेश जैसे – सामान्य प्रशासन , सचिवालय प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन विभाग,  वेतन व पेंशन विभाग , समाज कल्याण विभाग , चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग , कृषि विभाग , सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , खाद्य एवं रसद विभागों के लिए जारी किए जा रहे UP Shasanadesh को आप डाउनलोड कर सकते हैं | इसके साथ ही आप पुराने जारी किए गए UP Shasanadesh  की भी प्रति को प्राप्त कर सकते हैं |

UP Shasanadesh कैसे देखें –

दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए जा रहे UP Shasanadesh को आप नीचे बताए जा रहे हैं | आसान से स्टेप्स को फॉलो करके अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं | और उनकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |
  • UP Shasanadesh देखने के लिए सबसे पहले आपको UP Shasanadesh – UP Govt Orders ऐप डाउनलोड करना होगा | इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए आपको अपने मोबाइल का Play Store ओपन करना होगा | और प्ले स्टोर में up.shasanadesh.gov डालकर सर्च करना होगा |


  • जैसे कि आप तो डालकर सर्च करेंगे | आपके सामने नीचे दिखाई गई इमेज की तरह का ऐप दिखाई देगा | आपको यह ऐप डाउनलोड कर लेना है | और इसे ओपन करना है |
  • आप चाहें तो यहां क्लिक करके डायरेक्टरी ऐप डाउनलोड कर सकते हैं |
  • ऐप ओपन करने के पश्चात आपको सामने एक फार्म दिखाई देगा | यहां पर आप विभाग का चयन करें | और फिर सबसे नीचे कैप्चा कोड भरकर खोजें बटन पर क्लिक करके संबंधित विभाग के बारे में जारी किए गए सभी UP Shasanadesh को देख सकते हैं |

  • इसके साथ ही यदि आप किसी खास अनुभाग श्रेणी और तारीख का UP Shasanadesh देखना चाहते हैं | तो फॉर्म में पूछे गए अन्य जानकारी जैसे – अनुभाग श्रेणी ,  शासनादेश की तिथि , शासनादेश की संख्या आदि को भर कर संबंधित UP Shasanadesh की प्रति डाउनलोड कर सकते हैं |
  • इसके साथ ही यहां पर आपको प्रतिदिन जारी किए जा रहे UP Shasanadesh का भी संग्रह दिखाई पड़ेगा | आप साइट में दिए गए प्रतिदिन अपडेट की प्रति को भी डाउनलोड कर सकते हैं |
  • खोजें बटन पर क्लिक करने के पश्चात आपको संबंधित विभाग के द्वारा जारी किए गए सभी शासनादेश की सूची प्राप्त करेंगे | आप इनमे से जिसे भी डाउनलोड करना चाहते हैं | उसके सबसे लास्ट में शासनादेश देखें पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकेंगे |
  • आपको PDF फाइल में UP Shasanadesh की प्रति प्रदान की जाएगी | आजकल लगभग सभी मोबाइलों में PDF व्यूअर दिया गया है | लेकिन फिर भी यदि आप के मोबाइल में PDF व्यूअर नहीं है | और डाउनलोड की गई फाइल अन सपोर्टेड का एरर  दे रही है | तो आपको इस फाइल को ओपन करने के लिए Play Store से किसी PDF व्यूअर को डाउनलोड करना होगा | आप उसकी मदद से इसे ओपन कर सकते हैं |
दोस्तों इस तरह से आप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए जा रहे सभी विभागों के UP Shasanadesh को अपने मोबाइल का के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन ही देख सकते हैं | और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं | यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें | साथ ही यदि आपका किसी भी प्रकार का सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें | हम जल्द ही आपके सवालों का जवाब देंगे || धन्यवाद ||

जानिए अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन चित्रण , कितनी मुसीबतों का सामना करना पड़ा उनको इस मुकाम को हासिल करने के लिए

अटल जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वे पहली बार 16 मई से 1 जून 1996 तक तथा फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे हिन्दी कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता भी हैं। अटल जी को अपनी मातृभाषा हिंदी से बेहद प्रेम है, अटल जी पहले राजनेता बने, जिन्होंने यू एन जनरल असेंबली में हिंदी में भाषण दिया था।


नाम:- अटल बिहारी वाजपेयी
जन्म दिनांक:- 25 दिसंबर 1924
जन्म स्थान:- ग्वालियर, मध्य प्रदेश
माता-पिता:- कृष्णा देवी-कृष्ण बिहारी वाजपेयी
राजनैतिक दल:- भारतीय जनता पार्टी
धर्मिक मान्यता:- हिन्दू
अपने राजनैतिक सफ़र में वाजपेयी जी सबसे आदर्शवादी व प्रशंसनीय राजनेता है। अटल जी जैसा नेता होना पुरे देश के लिए गर्व की बात है। उनके बहुत से कामों की वजह से देश आज इस मुकाम पर है। वे जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था और देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचने तक उस संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया। वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे। कभी किसी दल ने आनाकानी नहीं की। इससे उनकी नेतृत्व क्षमता का पता चलता है।
अटल जी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। पुत्रप्राप्ति से हर्षित पिता श्री कृष्ण बिहारी वाजपेयी को तब शायद ही अनुमान रहा होगा कि आगे चलकर उनका यह नन्हा बालक सारे देश और सारी दुनिया में नाम रौशन करेगा। पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर रियासत में अध्यापक थे।

कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर में अध्यापक के अतिरिक्त वे हिन्दी व ब्रज भाषा के सिद्धहस्त कवि भी थे। अटल जी में काव्य के गुण वंशानुगत परिपाटी से प्राप्त हुए। महात्मा रामचन्द्र वीर द्वारा रचित अमर कृति “विजय पताका” पढकर अटल जी के जीवन की दिशा ही बदल गयी।

अटल जी की बी०ए० की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज (वर्तमान में लक्ष्मीबाई कालेज) में हुई। छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने और तभी से राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे। कानपुर के डी०ए०वी० कालेज से राजनीति शास्त्र में एम०ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उसके बाद उन्होंने अपने पिताजी के साथ-साथ कानपुर में ही एल०एल०बी० की पढ़ाई भी प्रारम्भ की लेकिन उसे बीच में ही विराम देकर पूरी निष्ठा से संघ के कार्य में जुट गये। डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के निर्देशन में राजनीति का पाठ पढ़ने के साथ-साथ अटल जी पांचजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन का कार्य भी कुशलता पूर्वक करते रहे।
राजनीतिक करियर
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले महापुरुषों में से एक हैं। और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। सन् 1955 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा परन्तु सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सन् 1957 में बलरामपुर (जिला गोण्डा, उत्तर प्रदेश) से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में विजयी होकर पहली बार लोकसभा में पहुँचे। सन् 1957 से 1977 तक जनता पार्टी की स्थापना तक वे बीस वर्ष तक लगातार जनसंघ के संसदीय दल के नेता भी रहे। मोरारजी देसाई की सरकार में सन् 1977 से 1979 तक विदेश मन्त्री रहे और विदेशों में भारत की अच्छी छवि बनायी।
1980 में अटल जी ने जनता पार्टी से असन्तुष्ट होकर पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की। 6 अप्रैल 1980 में बनी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद का दायित्व भी वाजपेयी को सौंपा गया। इस दौरान वे दो बार राज्यसभा के लिये भी निर्वाचित हुए। लोकतन्त्र के सजग प्रहरी, देश प्रेम से ओतप्रोत अटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 1997 में प्रधानमन्त्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। 19 अप्रैल 1998 को पुनः प्रधानमन्त्री पद की शपथ ली और उनके नेतृत्व में 24 दलों की गठबन्धन सरकार ने पाँच वर्षों में देश के अन्दर प्रगति के अनेक आयाम छुए।
सन् 2004 में कार्यकाल पूरा होने से पहले भयंकर गर्मी में कराये गये लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन (एनडीए) ने वाजपेयी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और भारत उदय (अंग्रेजी में इण्डिया शाइनिंग) का नारा दिया। इस चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। ऐसी स्थिति में वामपंथी दलों के समर्थन से काँग्रेस ने भारत की केन्द्रीय सत्ता पर कायम होने में सफलता प्राप्त की और भाजपा विपक्ष में बैठने को मजबूर हुई। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके हैं और नई दिल्ली में 6-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान प्रमुख कार्य/उपलब्धियां
  • अटल जी के सत्ता में आने के सिर्फ 1 महीने बाद उनकी सरकार ने मई 1998 में राजस्थान के पोखरम में 5 अंडरग्राउंड नूक्लियर का सफल परीक्षण करवाया। यह परमाणु परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा, जिसकी चर्चा देश विदेश में भी जोरों पर रही।
    • अटल जी द्वारा शुरू किये गए भारत भर के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के अंतर्गत नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (NHDP) सुरु किया। इसके अंतर्गत देश के मुख्य शहर दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और कोलकाता को सड़क मार्ग से आपस मे जोड़ने का काम किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सुरु की जो उनके दिल के बेहद करीब थी, वे इसका काम खुद देखते थे। PMGSY के द्वारा पुरे भारत को अच्छी सड़कें मिली, जो छोटे छोटे गांवों को भी शहर से जोड़ती।
      • कारगिल युद्ध व आतंकवादी हमले के दौरान अटल जी द्वारा लिए गए निर्णय, उनकी लीडरशिप व कूटनीति ने सबको प्रभावित किया जिससे उनकी छवि सबके सामने उभर कर आई।
        • अनेक सर्वोत्तम विकास कार्यों और देश के चहुमुखी विकास के लिये किये गये योगदान तथा असाधारण कार्यों के लिये 2014 दिसंबर में अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

        बड़ा मौका- 8th पास के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी सहायक के लिए सीधी भर्ती



        महिला और बाल विकास मंत्रालय ने अभी हाल ही में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायक के पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं | सभी योग्य उम्मीदवार सरकारी नोटिफिकेशन को पढ़ कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |
        पद का नाम :– आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायक
        याद रखने योग्य तिथियां :-
        आवेदन शुरू: – 26/02/2018
        ऑनलाइन आवेदन के लिए अंतिम तिथि: – 23/03/2018
        सुधार की अंतिम तिथि: – 23/03/2018
        आवेदन फीस :– किसी भी उम्मीदवार को कोई आवेदन शुल्क जमा नहीं करना होगा |
        नौकरी करने का स्थान: – भारत में कहीं भी
        वेतन :– सरकारी नियमों के अनुसार
        शैक्षिक योग्यता:– इस पद के लिए सभी उम्मीदवारों को 08 वीं या 10 वीं पास होना चाहिए |
        Notification के लिए यहाँ क्लिक करें
        आवेदन कैसे करें: – सभी पात्र और इच्छुक युवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
        आयु सीमा: – सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 18 वर्ष से अधिकतम आयु 45 वर्ष तक होनी चाहिए ।(आयु में छुट सरकारी नियमों के अनुसार)
        चयन का तरीका: – सभी उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा/ अन्य योग्यताओं के आधार पर चुना जाएगा।
        इस भर्ती के बारे में पूर्ण जानकारी के लिए या Notification के लिए यहाँ क्लिक करें

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